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Friday, 11 September 2015

हिंदी मजेदार चुटकुले

हिंदी मजेदार चुटकुले  

लखनवी बच्चों की लड़ाई हो रही थी।
पहला: देखिए अगर आप हमारी बात
से इत्तेफ़ाक़ नहीं करेंगे तो हम
आपकी वालिदा मोहतरमा
की शान में गुस्ताख़ना कलिमात पेश कर देंगे।
दूसरा:
हज़ूर अगर आपने इस
क़दर जलालत की जुर्रत की
तो फ़िर हम भी आपके
रुखसार मुबारक पे ऐसा तमाचा रसीद करेंगे
कि गाल-ए-मुबारक गुलाब की
मानिंद चमक उठेगा।
 
यह है 'तहज़ीब-ए-लखनऊ
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आज मैंने मॉ से पुछा : मॉ मैं जीवन में आगे बढ़ने के लिये क्या करुं ?..
मॉ ने बडे प्यार से बोला पत्थर ले और सबसे पहले ये मोबाईल फोड़ ।
मेरी प्यारी मॉ.....
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CA ki wife:
Suniye ji, Yeh inflation kya hai?
CA:
Pehle tu 36-24-36 thi
Ab tu 48-40-48 hai !
Ab tere pass sab kuch pehle se jyada hai, phir bhi Teri value pahle se kam hai.
YAHI INFLATION HAI. 
Economics is not that difficult if we have the right examples.
Interviewer: What is Recession?
Candidate: When "Wine & Women" get replaced by "Water & Wife"
that critical phase of life is called Recession!! 
Accountancy fact:
What is the difference between Liability & Asset?
A drunk friend is liability
But
A drunk Girlfriend is an Asset.
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Absolute Classic!!!
Heated gold is called ornaments
Beated copper is called wire
Compressed carbon is called diamond.
Heated, beated and compressed human is called HUSBAND.
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A lady standing in the front on red light stalled her car when it turned green. People started honking madly but she couldn't start. The light turned amber and then red again. Hearing the chaos...the traffic police guy from Haryana walked upto the lady....and said.....




Madam.....Koi bhi rang pasand naa aaya ke.
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Once you realise that your wife is beautiful, has a great figure, is intelligent, gets things done on her own, drives a car well, has very little expectations, is not materialistic and loves you with crazy devotion...
...Please understand that the Liquor you have consumed is of the highest quality. .
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पठान: वो जो टेबल पे आदमी बैठा है उस से हमारा दुश्मनी है।
दोस्त: टेबल पे तो 4 आदमी हैं।
पठान: वो जिसकी मूंछे हैं।
दोस्त: मूंछें तो सबकी हैं।
पठान: वो जिसके सफ़ेद कपडे हैं।
दोस्त: वो तो सबके सफ़ेद हैं।
पठान ने गुस्से में पिस्तौल निकाला और 3 आदमियों को गोली मार दी और जो बच गया उसकी तरफ इशारा कर के बोला इससे हमारा दुश्मनी है।
इसको हम नहीं छोड़ेगा।
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बैंक के नियम।
शाम के 5 बजे बैंक बंद ही हो रहा था।
ब्रांच मैनेजर के पास बेहद दिलकश और शहद सी मीठी आवाज में एक महिला का फोन आया---" सर, मुझे 2 लाख रुपयों की तुरंत आवश्यकता है और मैं सिर्फ 10 मिनिट में बैंक पहुँच जाऊँगी। क्या आप मेरा इन्तजार कर सकते हैं? "
उसकी आवाज इतनी सुरीली थी कि, मैनेजर मना नहीं कर सका।
उसने कैशियर से कहा कि कैश रेडी रखे। कैशियर ने भुनभुनाते हुए अपने बॉस का ऑर्डर माना।
थोड़ी ही देर बाद एक बदसूरत चेहरे, बढ़ी हुई तोंद और अजीबोगरीब फिगर वाली महिला ने बैंक में प्रवेश किया और बैंक मैनेजर को एक चैक देकर कैश की डिमाण्ड की।
मैनेजर जो एक बहुत खूबसूरत महिला की अपेक्षा कर रहा था, ने उस भौंडी शक्लोसूरत वाली महिला को देख तुरंत अपना इरादा बदल दिया और कहा---" देखिए मैडम, आज का कैश क्लोज हो चुका है और आप कल आइए। "
कैशियर जो रेडी था, ने मैनेजर से पूछा---" अगर महिला को कैश नहीं देना था तो हमने इन्तजार क्यूँ किया ?? "
मैनेजर---" देख भाई, मैं उसकी हैल्प तो करना चाहता था लेकिन, ये बैंकिंग का अंतर्राष्ट्रीय नियम है कि---if words and figures don't match, payment will be declined ". 

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एक नवयुवती छज्जे पर बैठी है, वह उदास है

प्रसंग है एक नवयुवती छज्जे पर बैठी है, वह उदास है, उसकी मुख मुद्रा देखकर लग रहा है कि जैसे वह छत से कूदकर आत्महत्या करने वाली है।
विभिन्न कवियों से अगर इस पर लिखने को कहा जाता तो वो कैसे लिखते :

गुलजार....


वो बरसों पुरानी ईमारत
शायद
आज कुछ गुफ्तगू करना चाहती थी
कई सदियों से उसकी छत से
कोई कूदा नहीं था.
और आज
उस तंग हालात
परेशां
स्याह आँखों वाली
उस
लड़की ने
ईमारत के सफ़े
जैसे खोल ही दिए
आज फिर कुछ बात होगी
सुना है ईमारत खुश बहुत है...

हरिवंश राय बच्चन...

किस उलझन से क्षुब्ध आज
निश्चय यह तुमने कर डाला
घर चौखट को छोड़ त्याग
चड़ बैढीं तुम चौथा माला
अभी समय है, जीवन सुरभित
पान करो इस का बाला
ऐसे कूद के मरने पर तो
नहीं मिलेगी मधुशाला

प्रसून जोशी साहेब...

जिंदगी की तोड़ कर
मरोड़ कर
गुल्लकों को फोड़ कर
क्या हुआ जो जा रही हो
सोहबतों को छोड़ कर

हन्नी सिंह....

कूद जा डार्लिंग क्या रखा है
जिंजर चाय बनाने में
यो यो की तो सीडी बज री
डिस्को में हरयाणे में
रोना धोना बंद!
तू कर ले डांस हनी के गाने में
रॉक एंड रोल करेंगे कुड़िये
फार्म हाउस के तहखाने में !!

रहीम...

रहिमन कभउँ न फांदिये छत ऊपर दीवार
हल छूटे जो जन गिरें फूटै और कपार
तुलसी...
छत चढ़ नारी उदासी कोप व्रत धारी
कूद ना जा री दुखारी
सैन्य समेत अबहिन आवत होइहैं रघुरारी

कबीर....

कबीरा देखि दुःख आपने कूदिंह छत से नार
तापे संकट ना कटे , खुले नरक का द्वार''

मैथिली शरण गुप्त-

अट्टालिका पर एक रमिणी अनमनी सी है अहो
किस वेदना के भार से संतप्त हो देवी कहो?
धीरज धरो संसार में, किसके नही है दुर्दिन फिरे
हे राम! रक्षा कीजिए, अबला न भूतल पर गिरे।

काका हाथरसी-

गोरी बैठी छत पर, कूदन को तैयार
नीचे पक्का फर्श है, भली करे करतार
भली करे करतार,न दे दे कोई धक्का
ऊपर मोटी नार, नीचे पतरे कक्का
कह काका कविराय, अरी मत आगे बढना
उधर कूदना मेरे ऊपर मत गिर पडना।

श्याम नारायण पांडे

ओ घमंड मंडिनी, अखंड खंड मंडिनी
वीरता विमंडिनी, प्रचंड चंड चंडिनी
सिंहनी की ठान से, आन बान शान से
मान से, गुमान से, तुम गिरो मकान से
तुम डगर डगर गिरो, तुम नगर नगर गिरो
तुम गिरो अगर गिरो, शत्रु पर मगर गिरो।

गोपाल दास नीरज

हो न उदास रूपसी, तू मुस्काती जा
मौत में भी जिन्दगी के कुछ फूल खिलाती जा
जाना तो हर एक को है, एक दिन जहान से
जाते जाते मेरा, एक गीत गुनगुनाती जा

राम कुमार वर्मा

हे सुन्दरी तुम मृत्यु की यूँ बॉट मत जोहो।
जानता हूँ इस जगत का
खो चुकि हो चाव अब तुम
और चढ़ के छत पे भरसक
खा चुकि हो ताव अब तुम
उसके उर के भार को समझो।
जीवन के उपहार को तुम ज़ाया ना खोहो,
हे सुन्दरी तुम मृत्यु की यूँ बाँट मत जोहो।