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Wednesday, 30 September 2015

So true .................. जमाई के साथ (ससुराल मैं)सन् 1990 से पहले और उसके बाद किये जाने वाले व्यवहार के बारे में :-

 

जमाई के साथ (ससुराल मैं)सन् 1990 से पहले और उसके बाद किये जाने वाले व्यवहार के बारे में :-

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1. पहले के जमाई के जब आने का पता चलता तो ससुर जी दाढ़ी बनाकर और नए कपङे पहनकर स्वागत के लिए कम्पलीट रहते थे ।
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2. जमाई आ जाते तो बहुत मान मनवार मिलती और छोरी दौड़कर रसोई में घुस जाती थी ।सासुजी पानी पिलातीं और धीरे से कहती :-"आग्या कांई ?"
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3. आने का समाचार मिलते ही गली मोहल्ले के लोग चाय के लिए बुलाते थे,
और काकी सासुजी या भाभियां तो आटे का हलवा भी बनाती थी ।
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4. जमाई खुद को ऐसा महसूस करता था कि वो पूरे गांव का जमाई है ।
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5. जमाई के घर में आने के बाद घर के सब लोग डिसिप्लिन में आ जाते थे ।
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6. जमाई बाथरूम से निकलते तो उनके हाथ lux साबुन से धुलवाते, भले खुद उजाला साबुन से नहाते थे ।
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7. जमाई अगर रात में रुक जाते तो सुबह उनका साला कॉलगेट और ब्रश हाथ में लेकर आस पास घूमता रहता था ।
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8. जब जमाई का अपनी बीवी को लेकर जाने का समय हो जाता तो वो स्कूटर को पहले गैर में डालकर भन्ना भोट निकालते थे, जिससे उनका ससुराल में प्रभाव बना रहता था ।





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अब आज के जमाई की दुर्दशा :-


1. आज के जमाई से कोई भी लुगाई लाज नहीं करती है, खुद की बीवी भी सलवार कुर्ते में आस पास घूमती रहती है ।
काकी सासुजी और भाभी कोई दूसरी रिश्तेदारी निकाल कर बोलती हैं :- " अपने तो जमाई वाला रिश्ता है ही नहीं ।"
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2. साला अगर कुंवारा है और अगर उसकी सगाई नहीं हो पा रही है तो इसका ताना जमाई को सुनाया जाएगा :- "तुम्हारा हो गया इसका भी तो कुछ सेट करो ।"
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3. पानी पीना हो तो खुद रसोई में जाना पड़ेगा, कोई लाकर देने वाला नहीं है ।
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4. ससुराल पक्ष की किसी शादी में जमाई को इसीलिए ज्यादा मनवार करके बुलाया जाता है ताकि जमाई बच्चों को संभाल सके, बीवी और सासुजी आराम से महिला संगीत में डांस कर सके ।
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5. जरा सा अगर बीवी को ससुराल में कुछ कह दिया तो सासुजी की तरफ से तुरंत जवाब आता हैं " एक से एक रिश्ते आऐ थे, पर ये ही मिला था छोरी को दुखी करने के लिए, इसके पापा को .....नासपीटा।।".

फ़ेसबुक कार्यालय पर माँ को याद कर मोदी के रोने और माँ की गरीबी को ढोंग बताये जाने पर बयानबाजों को जवाब देती कविता

फ़ेसबुक कार्यालय पर माँ को याद कर मोदी के रोने और माँ की गरीबी को ढोंग बताये जाने पर बयानबाजों को जवाब देती  कविता 





फूस बिछौना अखरा है क्यों मखमल के गलियारों को?
चिकने पत्थर चिढ़ा रहे क्यों माटी के चौबारों को,


मनीप्लान्ट के पौधे आँगन की तुलसी को डांट रहे,
मदिरा के प्याले मंदिर में चरणामृत को बांट रहे,


राजघराने जो अय्याशी के ही सदा सबूत रहे,
जहाँ सदा सोने की चम्मच लेकर पैदा पूत हुए,


जहाँ किसी ने कभी अभावों के अनुभव को छुआ नही,
जिन्हें गरीबी के आलम का दर्द कभी भी हुआ नही,


ढोंगी थे जो फिरंगियों से हाथ मिलाकर रखते थे,
खादी के नीचे रेशम की जेब लगाकर रखते थे,


जिनके बच्चों को इटली की गोरी मैडम भाती थी,
जिनकी चमड़ी से खुश्बू पेरिस लन्दन की आती थी,


जो कुर्सी को किसी हाल में दूर नही कर सकते थे.
चाय बेचने वाले को मंज़ूर नही कर सकते थे,


वही घराने आज गरीबी को झुठलाने आये हैं,
माँ की ममता और कष्ट का नाप बताने आये हैं,


तुम क्या जानों,कैसे आंसू रोज निकाले जाते हैं,
चार चार बच्चे इक माँ से कैसे पाले जाते हैं,


तुम क्या जानो साहब कितने बोझे ढोने पड़ते हैं
इक गरीब माँ को पड़ोस के बर्तन धोने पड़ते हैं,


जो माँ खुद भूखा रहकर बच्चों का पेट भराती हो,
बच्चों को बिस्तर देकर जो धरती पर सो जाती हो,


ऐसी माँ जब भी बेटे की यादों में आ जाती है,
हम तो हैं इंसान,आँख पत्थर की भी भर आती है,


जो आया की गोद पले हो,डिब्बे वाला दूध पिये,
जिनकी माँ ने रानी बनकर रुतबे के संग राज किये,


वो क्या जाने,इक माँ की क्या क्या मजबूरी होती है,
बर्तन कैसे धोते हैं?कैसी मज़दूरी होती है,


तुम तो दहशत गर्दो पर आंसू छलकाने वाले हो,
माँ की पावन ममता का उपहास उड़ाने वाले हो,


ये गौरव चौहान कहे जिनको ममता का भान नही,
जिनको इन आँखों से बहते आंसू की पहचान नही,


माँ के दुःख जो ढोंग बताये,तो बेटा बर्बाद है वो,
लावारिस है या धरती पर नाजायज़ औलाद है वो,

वास्तविक श्राद्ध .............. Must read and follow

एक दोस्त हलवाई की दुकान पर मिल गया ।
मुझसे कहा- ‘आज माँ का श्राद्ध है, 
माँ को लड्डू बहुत पसन्द है, इसलिए लड्डू लेने आया हूँ '
मैं आश्चर्य में पड़ गया ।
अभी पाँच मिनिट पहले तो मैं उसकी माँ से सब्जी मंडी में मिला था ।
मैं कुछ और कहता उससे पहले ही 
खुद उसकी माँ हाथ में झोला लिए वहाँ आ पहुँची ।
मैंने दोस्त की पीठ पर मारते हुए कहा- 
'भले आदमी ये क्या मजाक है ?
माँ जी तो यह रही तेरे पास !
दोस्त ! अपनी माँ के दोनों कंधों पर हाथ रखकर हँसकर बोला, ‍
'भई, बात यूँ है कि मृत्यु के बाद 
गाय या कौवे की थाली में लड्डू रखने से अच्छा है कि माँ की थाली में लड्डू परोसकर उसे जीते - जी तृप्त करूँ ।
मैं मानता हूँ कि जीते जी माता - पिता को हर हाल में खुश रखना ही सच्चा श्राद्ध है ।
आगे उसने कहा, 'माँ को मिठाई,
सफेद रसगुल्ला, गुलाब जामुन, आम आदि पसंद है ।
मैं वह सब उन्हें खिलाता हूँ ।
श्रद्धालु मंदिर में जाकर अगरबत्ती जलाते हैं । 
मैं मंदिर नहीं जाता हूँ, पर माँ के सोने के कमरे में कछुआ छाप अगरबत्ती लगा देता हूँ ।
सुबह जब माँ गीता पढ़ने बैठती है तो माँ का चश्मा साफ कर के देता हूँ । 
मुझे लगता है कि ईश्वर के फोटो व मूर्ति आदि साफ करने से ज्यादा पुण्य माँ का चश्मा साफ करके मिलता है ।
यह बात श्रद्धालुओं को चुभ सकती है पर बात खरी है ।
हम बुजुर्गों के मरने के बाद उनका श्राद्ध करते हैं ।
पंडितों को खीर पूरी खिलाते हैं ।
रस्मों के चलते हम यह सब कर लेते है, पर याद रखिए कि गाय या कौए को खिलाया ऊपर पहुँचता है या नहीं, यह तो पता नहीं ।
अमेरिका या जापान में भी अभी तक स्वर्ग के लिए कोई टिफिन सेवा शुरू नही हुई है ।
माता-पिता को जीते-जी ही सारे सुख देना वास्तविक श्राद्ध है ॥

Tuesday, 29 September 2015

This is one of best suspense jokes till date ................ *****5 star joke ..........

 एक बहुत ही सुंदर महिला थी अपने बेटे को पास के मदरसे मे उर्दू सीखने के लिए भर्ती करवा आयी ...
उर्दू पढ़ाने वाला मौलाना उस महिला की सुंदरता के बारे में जानता था ,
छुट्टी के समय मौलाना ने उसके बेटे से कहा -
" अपनी अम्मी को मेरा सलाम कहना "....
बेटे ने आकर माँ को कह दिया कि मौलाना साहब ने आपको सलाम भेजा है ।
महिला ने भी बेटे के हाथों सलाम का उत्तर सलाम भेज कर दे दिया।

ये सिलसिला हफ्ते भर चला ...
महिला की आँखें खुली .
अपने " पति " से परामर्श किया और अगले दिन बेटे से मौलाना को कहलवाया कि शाम को घर पर बुलाया है ...
मौलान खुश ... 3 दिन से नहाया नहीं था , बासी शेरवानी को इस्तरी करवाया , इत्र मारा और पहुँच गया सुंदरी के घर।
महिला ने पहले आवभगत की ... चाय नाश्ता करवाया , फिर बेटे की पढ़ाई के बारे मे जानकारी ली।
मौलाना औपचारिक बातें करने के बाद , अपनी असलियत पे आया , कहा -
- माशा अल्लाह , आपको खुदा ने बड़ी फुर्सत में तराशा है ,
- वो तो है , शुक्रिया ...
- मुझे आपसे इश्क़ हो गया है मोहतरमा ... ( लार टपकने लगी ... )
- हाँ वो तो है , पर ये बात यदि मेरे पति ने सुन ली तो बहुत मुश्किल होगी ,
वो आते ही होंगे ... आप अभी जाइए , कल शाम को फिर आईयेगा तब बात करेंगे ... मैं आपका इंतज़ार करूंगी ...
मौलाना चलने को हुआ ही था कि बाहर से उस महिला के पति की आवाज़ आई -
कौन घर में घुसा है हरामखोर ...
मौलाना घबराया ...  कहाँ छुप जाऊँ ??
महिला ने उसे फटाफट साड़ी पहना दी ,घूँघट कर दिया और
गेहूँ पीसने वाली पत्थर की चक्की के पास बैठा दिया और कहा -
" आप धीरे धीरे गेहूँ पीसिए ... मैं अभी उनको चाय वगैरह पिला कर बाहर भेजती हूँ , आप मौका देखकर भाग जाना ।
मौलाना लगे चक्की चलाने और गेहूँ पीसने ...
पति ने प्रवेश किया और पूछा कि ये कौन महिला है ?
- पड़ोस मे नए किरायेदार आए हैं उनकी पत्नी है , गेहूँ पीसने आई हैं ।
पति पत्नी बहुत देर तक हंसी मज़ाक और बातें करते रहे ,
1 घंटे बाद पति ने कहा -
मैं जरा नुक्कड़ की दुकान से पान खा कर आता हूँ और बाहर निकल गया।
मौलाना ने साड़ी उतार के फेंकी और आनन - फानन में वहाँ से सरपट हो लिए।
15 दिन बाद -
महिला के बेटे ने मदरसे में मौलाना से कहा -
" माँ ने आपको सलाम भेजा है" ...
- हरामखोरों ,क्या 20 किलो आटा खा गए ,
जो अब फिर से सलाम भेजा है ....
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आदरणीय
रसगुल्ला मामा  सादर प्रणाम
बड़े हर्ष के साथ सूचित कर रहा हूँ कि आपकी  भान्जी बर्फी देवी की शादी पेठा नगर   के  मिष्ठान भण्डार नामक गांव के सेठ छेनादास के ज्येष्ठ पुत्र गुलाब जामुनके साथ १५ सितम्बर को होना सुनिश्चित हुआ है ।
अतः आप उक्त अवसर पर रसमलाई मामी एवं जलेबी मौसी  को लेकर सुबह दस बजे वाली रबड़ी एक्सप्रेस ट्रेन द्वारा छोला बटूरा स्टेशन  पर पहुंचे ।
वहां आपके स्वागत के लिए पेड़ा चाचा, समोसा भइया  एवं इमरती बहन मिलेंगे ।
                   धन्यवाद
      अन्त में आपका आज्ञाकारी भान्जा
       हाजमोला
   खाया पिया पचाया .
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 मोदी to PA : अब कहाँ का दौरा बचा है?
PA: अब सिर्फ़ दिल का दौरा बचा है....
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My *****5 star joke ..........

This is one of best suspense jokes till date
A Father put his 3year old daughter to bed, told her a story and listened to her prayers which ended by saying,
"God bless Mommy, God bless Daddy, God bless Grandma and good-bye Grandpa."
The father asked, 'Why did you say good-bye Grandpa?'
The little girl said, "I don't know daddy, it just seemed like the thing to do."
The next day grandpa died.
The father thought it was a strange coincidence.
A few months later the father put the girl to bed and listened to her prayers which went like this,
"God bless Mommy, God Bless Daddy and good-bye Grandma."
The next day the grandmother died.
"Holy crap" thought the father, "this kid is in contact with the other side."
Several weeks later when the girl was going to bed the dad heard her say, "God bless Mommy and good-bye Daddy."
He practically went into shock. He couldn't sleep all night and got up at the crack of dawn to go to his office.
He was nervous as a cat all day, had lunch and watched the clock.. He figured if he could get by until midnight he would be okay.
He felt safe in the office, so instead of going home at the end of the day he stayed there, drinking coffee, looking at his watch and jumping at every sound. Finally midnight arrived; he breathed a sigh of relief and went home.
When he got home his wife said,
"I've never seen you work so late. What's the matter?"
He said, "I don't want to talk about it, I've just spent the worst day of my life."
She said, "You think you had a bad day, you'll never believe what happened to me. This morning my boss died in the middle of a meeting . 

Monday, 28 September 2015

आखिर क्यों भगवान राम को लक्ष्मण को मृत्युदंड देना पड़ा?

आखिर क्यों भगवान राम को लक्ष्मण को मृत्युदंड देना पड़ा?



ये घटना उस वक़्त की है जब श्री राम लंका विजय करके अयोध्या लौट आते है और अयोध्या के राजा बन जाते है। एक दिन यम देवता कोई महत्तवपूर्ण चर्चा करने श्री राम के पास आते है। चर्चा प्रारम्भ करने से पूर्व वो भगवान राम से कहते है की आप जो भी प्रतिज्ञा करते हो उसे पूर्ण करते हो। मैं भी आपसे एक वचन मांगता हूं कि जब तक मेरे और आपके बीच वार्तालाप चले तो हमारे बीच कोई नहीं आएगा और जो आएगा, उसको आपको मृत्युदंड देना पड़ेगा। भगवान राम, यम को वचन दे देते है।

राम, लक्ष्मण को यह कहते हुए द्वारपाल नियुक्त कर देते है की जब तक उनकी और यम की बात हो रही है वो किसी को भी अंदर न आने दे, अन्यथा उसे उन्हें मृत्युदंड देना पड़ेगा। लक्ष्मण भाई की आज्ञा मानकर द्वारपाल बनकर खड़े हो जाते है।

लक्ष्मण को द्वारपाल बने कुछ ही समय बीतता है वहां पर ऋषि दुर्वासा का आगमन होता है। जब दुर्वासा ने लक्ष्मण से अपने आगमन के बारे में राम को जानकारी देने के लिये कहा तो लक्ष्मण ने विनम्रता के साथ मना कर दिया। इस पर दुर्वासा क्रोधित हो गये तथा उन्होने सम्पूर्ण अयोध्या को श्राप देने की बात कही।

लक्ष्मण समझ गए कि ये एक विकट स्थिति है जिसमें या तो उन्हे रामाज्ञा का उल्लङ्घन करना होगा या फिर सम्पूर्ण नगर को ऋषि के श्राप की अग्नि में झोेंकना होगा। लक्ष्मण ने शीघ्र ही यह निश्चय कर लिया कि उनको स्वयं का बलिदान देना होगा ताकि वो नगर वासियों को ऋषि के श्राप से बचा सकें। उन्होने भीतर जाकर ऋषि दुर्वासा के आगमन की सूचना दी।

राम भगवान ने शीघ्रता से यम के साथ अपनी वार्तालाप समाप्त कर ऋषि दुर्वासा की आव-भगत की। परन्तु अब श्री राम दुविधा में पड़ गए क्योंकि उन्हें अपने वचन के अनुसार लक्ष्मण को मृत्यु दंड देना था। वो समझ नहीं पा रहे थे की वो अपने भाई को मृत्युदंड कैसे दे, लेकिन उन्होंने यम को वचन दिया था जिसे निभाना ही था।

इस दुविधा की स्तिथि में श्री राम ने अपने गुरु का स्मरण किया और कोई रास्ता दिखाने को कहा। गुरदेव ने कहा की अपने किसी प्रिय का त्याग, उसकी मृत्यु के समान ही है। अतः तुम अपने वचन का पालन करने के लिए लक्ष्मण का त्याग कर दो।

लेकिन जैसे ही लक्ष्मण ने यह सुना तो उन्होंने राम से कहा की आप भूल कर भी मेरा त्याग नहीं करना, आप से दूर रहने से तो यह अच्छा है की मैं आपके वचन की पालना करते हुए मृत्यु को गले लगा लूँ। ऐसा कहकर लक्ष्मण ने जल समाधी ले ली। 

Jokes ............. Kareena ko ladka hua, Bilkul kaala.

Please read this  fully
An Old man has 8 hair on his head. 
He went to Barber shop.
Barber in anger asked:
shall i cut or count ?
Old man smiled and said:
"Colour it!" 
LIFE is to enjoy with whatever you have with you, keep smiling
If you feel STRESSED,
Give yourself a Break.
Enjoy Some..
Icecream
Chocolates
Cake
Why?
B'Coz
STRESSED in reverse Spelling
DESSERTS !!!
Alphabetic advice for you:
A B C
Avoid Boring Company..
D E F
Don't Entertain Fools..
G H I
Go for High Ideas .
J K L M
Just Keep a friend like ME..
N O P
Never Overlook the Poor n suffering..
Q R S
Quit Reacting to Silly tales.. 
T U V
Tune Urself for ur Victory..
W X Y Z
We Xpect You to Zoom ahead in life
If   you   see   the   moon ..... You   see    the    beauty    of    God .....   
If    you   see    the   Sun ..... You   see    the    power   of    God .....   And ....    
If   you   see   the   Mirror. You   see     the    best    Creation of   GOD .

So    Believe   in    YOURSELF
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If 'muuaah' is a Kiss..:* Then... . . . . . . . . . . . 'Kalmuuaah' is promise to kiss tomorrow...!!

No Claps plzzz...!! 
I hate publicity....        
I m the best. 
I can prove it.

I can put Coffee in coffee cup.Can you put world in World Cup?
OK 1 more  
I can send my Address on your Mobile. 
Can you send your Mobile on my Address?

Nahi..Ok OK 
 .

I can eat Cream Biscuits with Cream.
Can you eat Tiger Biscuit with tiger?
Kaha na only I m the Best...

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Dost kaminey hone chaahiye; 
Co-operative to Banks bhi hote hai. 

Acha aur
Becoz of Global Warming........
Our Next generation will not b able to see Tigers !!!!
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Toh
Hum kya kare?

Humne bhi to Dinosaur nahi dekha hai.
Kabhi Shikayat ki kya?  
ye wala last

Only 940 girls are left for every 1000 boys
in India .........
SAVE GIRLS !!!
..
we can save the tigers later....
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Bike pe piche ladki chahiye ya tiger ??
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choice is yours....
Janhit Mein Jaari.... bachao Naari..!!
 
ye wala final

Ghor Kalyug
Teacher: Who was Akbar ?  
Boy: Akbar was Gay.

Teacher:- What, Are you mad ? Why did you say that?
Boy:- We have heard Laila - Majnu , Heer -Ranjha , Soni- Mahival ,Romeo-Juliet  
But Only 
Akbar - Birbal !
Teacher died.
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Sidha hospital
 bus ye wala last

Kareena ko ladka hua, Bilkul kaala.
Saif ne kaha: Tu gori, Main gora ladka kaise kala...? 
Kareena Replied ::: 
Tu Hot , Main Hot ... 
Jal Gaya Saala... 

Saturday, 26 September 2015

Hindi Jokes ............... Main bhi tumse pyar karti hoon

 बॉस : कहाँ गए थे?
कर्मचारी : बाल कटवाने.
बॉस : ऑफिस के काम के समय में?
कर्मचारी :बाल बढे भी तो ऑफिस में ही है.
बॉस : घर में रहते हो, तभी भी तो बढ़ते हैं न तुम्हारे बाल.
कर्मचारी : टकला थोड़ी ना किया है, जितने ऑफिस में बढे थे उतने ही कटवाए हैं.
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 एक बार एक हरियाणा का ताऊ मरणासन की कंडीशन में पहुँच गया घर वालो ने कहा -- ताऊ आख़री टेम आ लिया ....इब तो राम का नाम ले ले ताऊ बोल्या -- इब नाम के लेणा ....10 -15 मिनिट बाद आमना सामना होलेगा .
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Every husband is a farmer by default.
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His survival
solely depends on 'agree'culture...
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 दामाद 14 दिनों से ससुराल में था
सास :- " दामाद जी कब वापस जा रहे हो "
दामाद :- क्योँ
सास :- बहुत दिन हो गये
दामाद :- आपकी बेटी तो छ: छ: महीने मेरे यहाँ रहती है
सास :- वो तो वहाँ ब्याही गयी है
दामाद :- और मैं क्या यहाँ अपहरण करके लाया गया हूँ......!!
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 A successful marriage is based
On give & take:

Where husband gives money,
Gifts, dresses n wife takes it

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Where wife gives advices, lectures,
Tensions & husband takes it..!!
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 एक औरत अपनी जीभ पर कुमकुम चावल लगा रही थी।
पति-ये क्या कर रही हो?
पत्नी-आज दशहरा है, शस्त्र पूजन कर रही हूं .
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 सबसे छोटा मज़ाक
डॉक्टर : अब कैसा है तुम्हारा सिरदर्द ?
मरीज़ : वो तो मायके गईं हैं .....!!!!.
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बहनकी बिदाई पर छोटा भाई बोला:
"पापा,दीदी रो रही है लेकीन जीजु तो नही रो रहे !"
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"बेटा,दीदी गेट तक रोएगी,जीजु कब्र तक रोएगा...".
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एक आदमी ज्योतिषसे बोला..."मेरी शादी क्यों नही हो रही है?
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ज्योतिष बोला,"कैसे होगी पगले? कुन्डलीमें सुख ही सुख जो लीखा है!!!!!!"
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मरीझ: उम्र लम्बी करनेका कोई तरीका बताईये|
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डॉक्टर: शादी कर लो |
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मरीझ: ईससे उम्र लम्बी हो जायगी?
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डॉक्टर: नही,पर दो फायदे जरुर होंगे...
१. लम्बी झिदगीकी ख्वाईश खत्म हो जायेगी |
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२. बची-कूची झिंदगी लम्बी लगने लगेगी|
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पत्नी:जानु, क्या मैं तुम्हारे सपनोमें आती हूं?
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पति:बिलकुल नही |
पत्नी:क्यों ?
पति:में हनुमान चालीसा पठकर सोता हूं |
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पति: तेरे बापकी जले पर नमक छीडकनेकी आदत गई नही | 
पत्नी: क्यों क्या हुआ?
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पति: आज फिर से पूछ रहा था,"मेरी बेटीसे शादी करके खुश तो हो ना?"
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एक भक्त की तपस्या से खुश होकर प्रभु बोले,
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बोल बच्चा क्या चाहिय?
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भक्त बोलाः प्रभु धरती से आसमान तक सडक
बना दो.
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प्रभुः मुश्किल है, कोई और वर मांगो।
भक्तः प्रभु पत्नियों को समझदार, सुशील और
शांत बना दो।
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प्रभुः सडक सिंगल बनाउ या डबल?
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प्रेमी - बेवफा तुने दिल
जला दिया,
मेरा दिल जला कर राख
कर दिया....
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प्रेमिका - तेरी कुरबानी
बेकार नही जाऐगी,
भेज दे राख,बरतन माँजने
के काम आऐगी...   .
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दो आदमियों की बीवीयाँ मेले में खो गईं जिसमे से एक बिहार से था और एक दिल्ली से ।
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अपनी अपनी बीवी ढूंढते हुए वो आपस में मिले..!
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तुम्हारी वाली की पहचान? - बिहारी ने दिल्ली वाले से पूछा.
दिल्ली वाला बोला - 5'7", गोरी, भूरी आँखें और पतली है, स्लीवलेस पिंक टीशर्ट और लाल मिनी स्कर्ट पहने है.   तुम्हारी की क्या पहचान है?
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बिहारी बोला- हमार वाली के मार गोली, चल तोहरे वाली के खोजल जाये
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 गली से एक भिखारी गुज़र रहा था,
एक घर का दरवाज़ा खुला था और अंदर एक बुढ़िया बैठी थी। उसे देख भिखारी बोला,
"खाने के लिए रोटी दे दो, अम्मा।
"बुढ़िया: रोटी तो अभी बनी नहीं है, बाद में आना।
भिखारी: ठीक है ये लो मेरा मोबाइल नंबर जब बन जाये तो मिस कॉल मार देना।
ये सुन बुढ़िया के होश उड़ गए पर वो कहाँ कम थी बोली,
"मिस कॉल क्या करनी, जब बन जाएगी तो WhatsApp पे डाल दूंगी। वहीँ से डाउनलोड करके खा लेना।".
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 बहू अगर नींबू खा रही हो तो जरूरी नहीं कि कोई खुशखबरी  हो।
जमाना बदल गया है... 
हो सकता है वो रात की उतार रही हो।.
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 केजी का बच्चा : मैडम! मैं वॉशरूम जाऊं?
टीचर : नहीं, पहले A टु Z सुनाओ तब भेजूंगी।
बच्चा : ABCDEFGHIJKLMN__QRS_UVWX_Z
टीचर : P, O, T, Y कहां है?
बच्चा : मेरी चड्ढ़ी में..
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 A recent psychological research body conducted a simple experiment on a group of married Indian men and women.
All the participants were told to translate the English phrase "I love you too"
90% Women said "Main bhi tumse pyar karti hoon"
98% men said
"Main tumse bhi pyar karta hoon".
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 किसी ने पूछा आप बकरे की बली क्यों देते हो शेर की क्यों नही देते?
बोले भाईजान दे तो दें पर ......
जरा सी चूक हुई तो फिर ईद तो शेर ही मनाएगा  

Hindi Chutkules .............One Line Humors... & ........सच्चा प्यार वही है

 क्या आपको पता है, दुनिया का सबसे पहला हवाई जहाज कहां उड़ा था?
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जानिए इस छोटे से ब्रेक के बाद...
सर्फ एक्सेल- दाग अच्छे हैं
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अमुल माचो- बड़े आराम से
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गार्नियर- टेक केयर
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असली मसाले सच! सच!- एमडीएच एमडीएच
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हम में है हीरो- हीरो मोटो
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लैला को करना था इंप्रेस, तो मजनू ने खाई मिंटो फ्रेश
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हाय हैंडसम हाय हैंडसम- फेयर ऐंड हैंडसम क्रीम फॉर मेन
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शो में आपका एक बार फिर से स्वागत है!
दुनिया का सबसे पहले हवाई जहाज 'हवा' में उड़ा था! .
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Plz is msg ko itna forward karo ki,
Meri Girlfriend tak pahuch jaye...
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"Kamini, tune SIM change kar ke achha nahi Kiya...
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एक बुन्देल खंड़ आदमी की तपस्या से
प्रसन्न होकर
भगवान उसको अमृत देते हैं तो
वो मना कर देता है |
भगवान - क्यों वत्स..अमृत क्यों नहीं
पी रहे.
आदमी -अभ्भई गुटका खाओ है प्रभु।।.
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कुछ छोटे बच्चे तो इतने क्यूट होते हैं कि उन्हें देखने के बाद .......
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उनकी मम्मी को देखने का मन करता है...
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पति बाथरूम में घुसा
और नहाने के बाद :-
अरे सुनो ,
ज़रा तौलिया देना ।

पत्नी (चिल्ला के ) :-
हमेशा बिना तौलिये के नहाने जाते हो ।
अब मैं चाय बनाऊँ या तौलिया दूं ।
बनियान भी धो के नल पे टांग देते हो
वो भी मैं उठाऊं ।
नहाने के बाद वाइपर भी नहीं चलाते ।
कल लाइट भी खुली छोड़ दी थी तुमने ।
गीले गीले बाहर निकलोगे तो
पूरे घर में गीले पैरों के निशान बना दोगे ।
फिर उस पे मिटटी पड़ेगी तो
सब जगह गन्दी हो जाएगी ।
एक बार नौकरानी उसपे फिसल गयी थी ।
फिर ३ दिन तक नहीं आई ।
मेरा क्या हाल हुआ था काम कर कर के ।
पति (मन में सोचते हुए ) :-
साला ,
नहा के गलती कर दी
या शादी करके की
यह सोचने की भी ताकत नहीं रही ।
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ताऊ मास्टर से - मेरा छोरा
पढाई मै कैसा सै ?
मास्टर -चौधरी न्यू समझ ले,
"आर्यभट्ट ने
जीरो की खोज इसके खातिर
ही करी थी"
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1.जीत किसके लिए, हार किसके लिए
ज़िंदगीभर ये तकरार किसके लिए

जो भी आया है वो जायेगा एक  दिन
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए
2.ए बुरे वक़्त !
ज़रा अदब से पेश आ !!
वक़्त ही कितना लगता है
वक़्त बदलने में !!
3.मिली थी जिन्दगी ,किसी के
काम आने के लिए...
पर वक्त बीत रहा है , कागज के टुकड़े कमाने के लिए !
4.जन्म लिया है तो सिर्फ साँसे मत लीजिये,
जीने का शौक भी रखिये..
शमशान ऐसे लोगो की राख से...
भरा पड़ा है
जो समझते थे,,,
दुनिया उनके बिना चल नहीं सकती.
5.हाथ में टच फ़ोन,
बस स्टेटस के लिये अच्छा है…
सबके टच में रहो,
जींदगी के लिये ज्यादा अच्छा है…
6.ज़िन्दगी में ना ज़ाने कौनसी
बात "आख़री" होगी,
ना ज़ाने कौनसी रात
"आख़री" होगी ।
मिलते, जुलते, बातें करते
रहो यार एक दूसरे से,
ना जाने कौनसी "मुलाक़ात"
आख़री होगी.
7.मुझे फिर से मिट्टी में खेलने दे                                                                               ऐ खुदा !!
ए साफ सुथरी जिन्दगी                                                                               अब जिन्दगी नहीं लगती  !!
8.मेरी लिखी बात को
हर कोइ समझ नहीं पाता !
क्योंकि मैं ' एहसास ' लिखता हूं
और लोग ' अलफ़ाज़ ' पढ्ते हैं !!!
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One Line Humors...
Regular naps prevent old age, especially if you take them while driving.
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Having one child makes you a parent; having two you are a referee.
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Marriage is a relationship in which one person is always right and the other is the husband!
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I believe we should all pay our tax with a smile. I tried - but they wanted cash.
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A child's greatest period of growth is the month after you've purchased new school uniforms.
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Don't feel bad. A lot of people have no talent.
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Don't marry the person you want to live with, marry the one you cannot live without, but whatever you do, you'll regret it later.
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You can't buy love, but you pay heavily for it.
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Bad officials are elected by good citizens who do not vote.
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Laziness is nothing more than the habit of resting before you get tired.
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Marriage is give and take. You'd better give it to her or she'll take it anyway.
.My wife and I always compromise. I admit I'm wrong and she agrees with me.
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Those who can't laugh at themselves leave the job to others.
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Ladies first. Pretty ladies sooner.
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A successful marriage requires falling in love many times, always with the same person.
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You're getting old when you enjoy remembering things more than doing them.
.It doesn't matter how often a married man changes his job, he still ends up with the same boss.
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Real friends are the ones who survive transitions between address books.
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Saving is the best thing. Especially when your parents have done it for you.
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Wise men talk because they have something to say; fools talk because they have to say something.
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They call our language the mother tongue because the father seldom gets to speak!
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Man: Is there any way for long life?
Dr: Get married.
Man: Will it help?
Dr: No, but then the thought of long life will never come!
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Why do couples hold hands during their wedding? It's a formality just like two boxers shaking hands before the fight begins!
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Wife: Darling today is our anniversary, what should we do?
Husband: Let us stand in silence for 2 minutes.
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It's funny when people discuss Love Marriage vs Arranged. It's like asking someone, if suicide is better or being murdered.
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There is only one perfect child in the world and every mother has it.
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There is only one perfect wife in the world and every neighbor has it!
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सच्चा प्यार वही है
1) जो आँखो से काजल बहने ना दे..!
और
2) होठो पे लिपस्टिक रहने ना दे..!

Friday, 25 September 2015

Ha Ha Ha Ha .................. ब्रह्मा जी की अदालत में नर और नारी ........

ब्रह्मा जी की अदालत में नर और नारी ........



अक्ल बाटने लगे विधाता, लंबी लगी कतारें
सभी आदमी खड़े हुए थे कहीं नहीं थी नारें ।

सभी नारियाँ कहाँ रह गई, था ये अचरज भारी
पता चला ब्यूटी पार्लर में पहुँच गई थी सारी।

मेकअप की थी गहन प्रक्रिया एक एक पर भारी
बैठी थीं कुछ इंतजार में कब आएगी बारी

उधर विधाता ने पुरूसों में अक्ल बाँट दी सारी
ब्यूटी पार्लर से फुर्सत पाकर जब पहुँची सब नारी

बोर्ड लगा था स्टॉक ख़त्म है नहीं अक्ल अब बाकी
रोने लगी सभी महिलाएं नींद खुली ब्रह्भा की

पूछा कैसा शोर हो रहा है ब्रह्मलोक के द्वारे
पता चला कि स्टॉक अक्ल का पुरुष ले गए सारे

ब्रह्मा जी ने कहा देवियों बहुत देर कर दी है
जितनी भी थी अक्ल वो मैंने पुरुषों में भर दी है

लगी चीखने महिलाये सब कैसा न्याय तुम्हारा
कुछ भी करो हमें तो चाहिए आधा भाग हमारा

पुरुषो में शारीरिक बल है हम ठहरी अबलाएं
अक्ल हमारे लिए जरुरी निज रक्षा कर पाएं

सोच सोच कर दाढ़ी सहलाकर तब बोलर ब्रह्मा जी
एक वरदान तुम्हे देता हूँ अब हो जाओ राजी

थोड़ी सी भी हँसी तुम्हारी रहे पुरुष पर भारी
कितना भी वह अक्लमंद हो अक्ल जायेगी मारी

एक औरत ने तर्क दिया मुश्किल बहुत होती है
हंसने से ज्यादा महिलाये जीवन भर रोती है

ब्रह्मा बोले यही कार्य तब रोना भी कर देगा
औरत का रोना भी नर की अक्ल हर लेगा

एक अधेड़ बोली बाबा हंसना रोना नहीं आता
झगड़े में है सिद्धहस्त हम खूब झगड़ना भाता

ब्रह्मा बोले चलो मान ली यह भी बात तुम्हारी
झगडे के आगे भी नर की अक्ल जायेगी मारी

तब बुढियां तुनक उठीं सुन यह तो न्याय नहीं है
हँसने रोने और झगड़ने की अब अपनी उम्र नहीं है

ब्रह्मा बोले सुनो ध्यान से अंतिम वचन हमारा
तीन शस्त्र अब तुम्हे दे दिए पूरा न्याय हमारा

इन अचूक शस्त्रों में भी जो मानव नहीं फंसेगा
निश्चित समझो, उस पागल का घर भी नहीं बसेगा

कहे प्रेम कविमित्र ध्यान से सुन लो बात हमारी
बिना अक्ल के भी होती है नर पर नारी भारी

Tuesday, 22 September 2015

आइये चलते हैं दिल्ली और करते हैं एक डेंगू मच्छर से सीधा संवाद

 आइये चलते हैं दिल्ली और करते हैं एक डेंगू मच्छर  से सीधा संवाद 



दिल्ली में डेंगू का कहर मचाने वाले एक मच्छर ने अपना इंटरव्यू दिया है...अब इंटरव्यू मच्छर का है तो चर्चा तो होनी ही थी.
सवाल-आप महामारी क्यों फैला रहे है? आपका प्रकोप बढ़ता जा रहा है?
जवाब-जिसे आप प्रकोप कह रहे हैं, वो हमारी लोकप्रियता है. आज उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और हरियाणा से दिल्ली तक हर शख्स डेंगू-डेंगू कर रहा है. हमारी लोकप्रियता का सेंसेक्स स्टॉक मार्केट से भी ऊपर है.
सवाल-लेकिन आप बीमारी फैला रहे हैं. ये अच्छी बात नहीं है.
जवाब-तुम इंसानों के यहां अभी भी स्कूलों में गीता पढ़ाने को लेकर विवाद है. लेकिन हमने पैदा होते ही गीता सार समझ लिया-कर्म कर फल की चिंता मत कर. तो हमारा पूरा समाज कर्म कर रहा है.
सवाल-लेकिन आप गरीबों को ज्यादा सताते हैं?
जवाब-ये निराधार आरोप है. डेंगू मच्छर धर्म निरपेक्ष, शर्म निरपेक्ष और शिकार निरपेक्ष है. हम न धर्म के आधार पर भेद करते हैं और न अमीर-गरीब देखकर डंक मारते हैं.
सवाल-लेकिन क्या ये सच नहीं है कि कुछ लोग सॉफ्ट टारगेट हैं, जिन्हें आप पहला निशाना बनाते हैं?
जवाब-बिलकुल नहीं. सॉफ्ट टारगेट तो हमारे लिए सनी लियोनी है. वस्त्र मुक्त अभियान की प्रणेता सनी लियोनी को हम कभी भी अपना शिकार बना सकते हैं. लेकिन हम ऐसा नहीं करते. ये हमारी ईमानदारी भी है और आपके आरोप का जवाब भी.
सवाल-डेंगू मच्छर इंसानों को मौत के मुंह में ले जा रहे हैं. आखिर आप साबित क्या करना चाहते हैं?
जवाब-मच्छर एक गाली हो गई है. मच्छर शब्द कमज़ोरी का प्रतीक बन गया है. और हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि कृपया मच्छर समाज को मच्छर न समझें. दुनिया में हर साल साढ़े सात लाख लोगों को मच्छर कम्यूनिटी ऊपर पहुंचकर बता रही है कि उन्हें सीरियसली लिया जाए. भारत में डेंगू मच्छर इस दिशा में सार्थक प्रयास कर रहे हैं और उन्हें खासी कामयाबी भी मिली है.
सवाल-लेकिन जान लेकर ही क्यों ?
जवाब-देखिए हमारा पहला मकसद लोगों को अस्पताल पहुंचाना ही होता है. हम दरअसल राष्ट्र की समृद्धि में योगदान भी देना चाहते हैं. क्योंकि पीड़ितों की वजह से अस्पतालों का, डॉक्टरों का, पैथोलोज़ी लैब का, दवाइयों की दुकानों का टर्नओवर बढ़ता है और इससे देश की जीडीपी में बढ़ोतरी होती है. लेकिन कुछ लोग चल बसते हैं तो उनकी अपनी गलती की वजह से. वक्त पर अस्पताल न पहुंचकर, खुद डॉक्टर बनकर और सुनी सुनाई बातों पर यकीन कर वे खुद अपनी जान लेते हैं. हमारा कोई दोष नहीं.
सवाल-आपने कहा कि आप अमीर-गरीब में फर्क नहीं करते. लेकिन डेंगू मच्छर कभी नेताओं को नहीं डसता. उन्हें कभी अस्पताल नहीं पहुंचाता?
जवाब-मैं शर्मिन्दा हूं. निश्चय ही आपका यह आरोप सही है कि हम नेताओं को नहीं काटते. दरअसल, बीते कई साल से हमारी कोर कमिटी इस बात पर बहस कर रही है लेकिन हर बार यही तय होता है कि राजनेताओं को काटने से हमें खुद डेंगू जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है. हो सकता है कि ऐसी कोई बीमारी हो जाए-जिसका इलाज ही ना हो. मैं सिर झुकाकर यह आरोप स्वीकार करता हूं.
सवाल-आखिरी सवाल, आपका प्रकोप 20 साल पहले तक नहीं था. कोई नहीं जानता था डेंगू को. अचानक कैसे आपका उदय हो गया?
जवाब-इंसान जब मच्छर जैसी हरकत करने लगा. गदंगी खुद फैलाए और नाम हमें धरने लगा. तो हमें भी लगा कि इंसानों को उनकी औकात बता दी जाए.

Surgeonisms

Surgeonisms:

 
1.Bleeding eventually stops. After all the human body has only 5 liters.

2.A bold surgeon is one who realises that his patient takes all the risks.

3. It takes 5 years to know how to operate, 10 to know when to operate and 20 years to learn when not to operate

4. There are only 3 rules to a surgeon's life : eat when u can, sleep when u can and with whoever you can but never  screw with the pancreas

5. Don't look for things you don't want to find

6.when in doubt,blame the anesthetist.

7. The lesser the indication, the greater will be the complication

8. Surgery, like making love, should be done gently with adequate exposure..

9. It is better to be lucky than good...

10. Pyar aur Surgeon kabhi jhukta nahi....

11. Never rely on investigations ... its always better to
' OPEN & SEE '.

Monday, 21 September 2015

हर समस्या को दूर करें मां दुर्गा के ये मंत्र

हर समस्या को दूर करें मां दुर्गा के ये मंत्र 


सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।शरण्ये त्रयंबके गौरी नारायणि नमोअस्तुते।। 


मार्कण्डेय पुराण में ब्रह्माजी ने मनुष्यों के रक्षार्थ परमगोपनीय साधन, कल्याणकारी देवी कवच एवं परम पवित्र उपाय संपूर्ण प्राणियों को बताया, जो देवी की नौ मूर्तियां-स्वरूप हैं, जिन्हें 'नवदुर्गा' कहा जाता है। उनकी आराधना प्रतिपदा से महानवमी तक की जाती है। श्री दुर्गा के निम्न मंत्र धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने में सक्षम है। ऐसे ही स्रोत एवं मंत्र हैं, जिनके विधिवत पारायण से इच्छित मनोकामना की पूर्ति होती है। 

* ऐश्वर्य, सौभाग्य, आरोग्य, संपदा प्राप्ति एवं शत्रु भय मुक्ति के लिए- 

ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः। 
शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥ 

* विघ्ननाशक मंत्र- 

सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरी। 
एवमेव त्याया कार्य मस्माद्वैरि विनाशनम्‌॥ 

* आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्ति के चमत्कारिक फल देने वाले मंत्र को स्वयं देवी दुर्गा ने देवताओं को दिया है :-  

देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्‌। 
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥ 

* विपत्ति नाश के लिए- 

शरणागतर्द‍िनार्त परित्राण पारायणे। 
सर्व स्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥ 

सर्वकल्याण हेतु - 

सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके । 
शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥ 

* बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिए इस मंत्र का जाप फलदायी है- 

सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः। 
मनुष्यों मत्प्रसादेन भव‍िष्यंति न संशय॥ 

अन्य श्री दुर्गा मन्त्र ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ 
ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वालय ज्वालय ज्वल ज्वल प्रज्ज्वल प्रज्ज्वल 
ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट्‍ स्वाहा ॥ 
नमस्ते रुद्ररूपिण्यै नमस्ते मधुमर्दिनी । 
नमः कैटभहारिण्यै नमस्ते महिषार्दिनी ॥1॥ 

नमस्ते शुम्भहन्त्रयै च निशुम्भासुरघातिनी । 
जाग्रतं हि महादेवि जपं सिद्धं कुरुष्व मे ॥2॥ 

ऐंकारी सृष्टिरुपायै ह्रींकारी प्रतिपालिका । 
क्लींकारी कामरूपिण्यै बीजरूपे नमोऽस्तु ते ॥3॥ 

चामुण्डा चण्डघाती च यैकारी वरदायिनी । 
विच्चे चाभयदा नित्यं नमस्ते मन्त्ररूपिणी ॥4॥ 

धां धीं धूं धूर्जटेः पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी । 
क्रां क्रीं क्रं कालिकादेवि शां शीं शुभं कुरु ॥5॥ 

जाप विधि : -  


नवरात्रि के प्रतिपदा के दिन घटस्थापना के बाद संकल्प लेकर प्रातः स्नान करके दुर्गा की मूर्ति या चित्र की पंचोपचार या दक्षोपचार या षोड्षोपचार से गंध, पुष्प, धूप दीपक नैवेद्य निवेदित कर पूजा करें। मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। शुद्ध-पवित्र आसन ग्रहण कर रुद्राक्ष या तुलसी या चंदन की माला से मंत्र का जाप एक माला से पांच माला तक पूर्ण कर अपना मनोरथ कहें। पूरी नवरात्रि जाप करने से वांच्छित मनोकामना अवश्य पूरी होती है। समयाभाव में केवल दस बार मंत्र का जाप निरंतर प्रतिदिन करने पर भी मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं।

श्री दुर्गा नवरात्रि व्रत कथा || SHRI DURGA NAVRATRI VRAT KATHA ||

श्री दुर्गा नवरात्रि व्रत कथा  || SHRI DURGA NAVRATRI VRAT KATHA || 



नवरात्रि व्रत कथा इस व्रत में उपवास या फलाहार आदि का कोई विशेष नियम नहीं। प्रातः काल उठकर स्नान करके, मन्दिर में जाकर या घर पर ही नवरात्रों में दुर्गा जी का ध्यान करके यह कथा पढ़नी चाहिए। कन्याओं के लिए यह व्रत विशेष फलदायक है। श्री जगदम्बा की कृपा से सब विघ्न दूर होते हैं। कथा के अन्त में बारम्बार ‘दुर्गा माता तेरी सदा ही जय हो’ का उच्चारण करें।  



कथा प्रारम्भ 


बृहस्पति जी बोले- हे ब्राह्मण। आप अत्यन्त बुद्धिमान, सर्वशास्त्र और चारों वेदों को जानने वालों में श्रेष्ठ हो। हे प्रभु! कृपा कर मेरा वचन सुनो। चैत्र, आश्विन और आषाढ़ मास के शुक्लपक्ष में नवरात्र का व्रत और उत्सव क्यों किया जाता है? हे भगवान! इस व्रत का फल क्या है? किस प्रकार करना उचित है? और पहले इस व्रत को किसने किया? सो विस्तार से कहो? 

 बृहस्पति जी का ऐसा प्रश्न सुनकर ब्रह्मा जी कहने लगे कि- हे बृहस्पते! प्राणियों का हित करने की इच्छा से तुमने बहुत ही अच्छा प्रश्न किया। जो मनुष्य मनोरथ पूर्ण करने वाली दुर्गा, महादेवी, सूर्य और नारायण का ध्यान करते हैं, वे मनुष्य धन्य हैं, यह नवरात्र व्रत सम्पूर्ण कामनाओं को पूर्ण करने वाला है। इसके करने से पुत्र चाहने वाले को पुत्र, धन चाहने वाले को धन, विद्या चाहने वाले को विद्या और सुख चाहने वाले को सुख मिल सकता है। इस व्रत को करने से रोगी मनुष्य का रोग दूर हो जाता है और कारागार हुआ मनुष्य बन्धन से छूट जाता है। मनुष्य की तमाम आपत्तियां दूर हो जाती हैं और उसके घर में सम्पूर्ण सम्पत्तियां आकर उपस्थित हो जाती हैं। बन्ध्या और काक बन्ध्या को इस व्रत के करने से पुत्र उत्पन्न होता है। समस्त पापों को दूूर करने वाले इस व्रत के करने से ऐसा कौन सा मनोबल है जो सिद्ध नहीं हो सकता। जो मनुष्य अलभ्य मनुष्य देह को पाकर भी नवरात्र का व्रत नहीं करता वह माता-पिता से हीन हो जाता है अर्थात् उसके माता-पिता मर जाते हैं और अनेक दुखों को भोगता है। उसके शरीर में कुष्ठ हो जाता है और अंग से हीन हो जाता है उसके सन्तानोत्पत्ति नहीं होती है। इस प्रकार वह मूर्ख अनेक दुख भोगता है। इस व्रत को न करने वला निर्दयी मनुष्य धन और धान्य से रहित हो, भूख और प्यास के मारे पृथ्वी पर घूमता है और गूंगा हो जाता है। जो विधवा स्त्री भूल से इस व्रत को नहीं करतीं वह पति हीन होकर नाना प्रकार के दुखों को भोगती हैं। यदि व्रत करने वाला मनुष्य सारे दिन का उपवास न कर सके तो एक समय भोजन करे और उस दिन बान्धवों सहित नवरात्र व्रत की कथा करे।  

हे बृहस्पते! जिसने पहले इस व्रत को किया है उसका पवित्र इतिहास मैं तुम्हें सुनाता हूं। तुम सावधान होकर सुनो। इस प्रकार ब्रह्मा जी का वचन सुनकर बृहस्पति जी बोले- हे ब्राह्मण! मनुष्यों का कल्याण करने वाले इस व्रत के इतिहास को मेरे लिए कहो मैं सावधान होकर सुन रहा हूं। आपकी शरण में आए हुए मुझ पर कृपा करो।  

ब्रह्मा जी बोले- 

पीठत नाम के मनोहर नगर में एक अनाथ नाम का ब्राह्मण रहता था। वह भगवती दुर्गा का भक्त था। उसके सम्पूर्ण सद्गुणों से युक्त मनो ब्रह्मा की सबसे पहली रचना हो ऐसी यथार्थ नाम वाली सुमति नाम की एक अत्यन्त सुन्दर पुत्री उत्पन्न हुई। वह कन्या सुमति अपने घर के बालकपन में अपनी सहेलियों के साथ क्रीड़ा करती हुई इस प्रकार बढ़ने लगी जैसे शुक्लपक्ष में चन्द्रमा की कला बढ़ती है। उसका पिता प्रतिदिन दुर्गा की पूजा और होम करता था। उस समय वह भी नियम से वहां उपस्थित होती थी। एक दिन वह सुमति अपनी सखियों के साथ खेलने लग गई और भगवती के पूजन में उपस्थित नहीं हुई। उसके पिता को पुत्री की ऐसी असावधानी देखकर क्रोध आया और पुत्री से कहने लगा कि हे दुष्ट पुत्री! आज प्रभात से तुमने भगवती का पूजन नहीं किया, इस कारण मैं किसी कुष्ठी और दरिद्री मनुष्य के साथ तेरा विवाह करूंगा। इस प्रकार कुपित पिता के वचन सुनकर सुमति को बड़ा दुख हुआ और पिता से कहने लगी कि हे पिताजी! मैं आपकी कन्या हूं। मैं आपके सब तरह से आधीन हूं। जैसी आपकी इच्छा हो वैसा ही करो। राजा कुष्ठी अथवा और किसी के साथ जैसी तुम्हारी इच्छा हो मेरा विवाह कर सकते हो पर होगा वही जो मेरे भाग्य में लिखा है मेरा तो इस पर पूर्ण विश्वास है। मनुष्य जाने कितने मनोरथों का चिन्तन करता है पर होता वही है जो भाग्य में विधाता ने लिखा है जो जैसा करता है उसको फल भी उस कर्म के अनुसार मिलता है, क्यों कि कर्म करना मनुष्य के आधीन है। पर फल दैव के आधीन है। 

जैसे अग्नि में पड़े तृणाति अग्नि को अधिक प्रदीप्त कर देते हैं उसी तरह अपनी कन्या के ऐसे निर्भयता से कहे हुए वचन सुनकर उस ब्राह्मण को अधिक क्रोध आया। तब उसने अपनी कन्या का एक कुष्ठी के साथ विवाह कर दिया और अत्यन्त क्रुद्ध होकर पुत्री से कहने लगा कि जाओ- जाओ जल्दी जाओ अपने कर्म का फल भोगो। देखें केवल भाग्य भरोसे पर रहकर तुम क्या करती हो? इस प्रकार से कहे हुए पिता के कटु वचनों को सुनकर सुमति मन में विचार करने लगी कि - अहो! मेरा बड़ा दुर्भाग्य है जिससे मुझे ऐसा पति मिला। इस तरह अपने दुख का विचार करती हुई वह सुमति अपने पति के साथ वन चली गई और भयावने कुशयुक्त उस स्थान पर उन्होंने वह रात बड़े कष्ट से व्यतीत की। 

उस गरीब बालिका की ऐसी दशा देखकर भगवती पूर्व पुण्य के प्रभाव से प्रकट होकर सुमति से कहने लगीं कि हे दीन ब्राह्मणी! मैं तुम पर प्रसन्न हूं, तुम जो चाहो वरदान मांग सकती हो। मैं प्रसन्न होने पर मनवांछित फल देने वाली हूं। इस प्रकार भगवती दुर्गा का वचन सुनकर ब्राह्मणी कहने लगी कि आप कौन हैं जो मुझ पर प्रसन्न हुई हैं, वह सब मेरे लिए कहो और अपनी कृपा दृष्टि से मुझ दीन दासी को कृतार्थ करो। ऐसा ब्राह्मणी का वचन सुनकर देवी कहने लगी कि मैं आदिशक्ति हूं और मैं ही ब्रह्मविद्या और सरस्वती हूं मैं प्रसन्न होने पर प्राणियों का दुख दूर कर उनको सुख प्रदान करती हूं।  हे ब्राह्मणी! मैं तुझ पर तेरे पूर्व जन्म के पुण्य के प्रभाव से प्रसन्न हूं। तुम्हारे पूर्व जन्म का वृतान्त सुनाती हूं सुनो! तुम पूर्व जन्म में निषाद (भील) की स्त्री थी और अति पतिव्रता थी। एक दिन तेरे पति निषाद ने चोरी की। चोरी करने के कारण तुम दोनों को सिपाहियों ने पकड़ लिया और ले जाकर जेलखाने में कैद कर दिया। उन लोगों ने तेरे को और तेरे पति को भोजन भी नहीं दिया। इस प्रकार नवरात्रों के दिनों में तुमने न तो कुछ खाया और न ही जल ही पिया। इसलिए नौ दिन तक नवरात्र का व्रत हो गया।  हे ब्राह्मणी! उन दिनों में जो व्रत हुआ उस व्रत के प्रभाव से प्रसन्न होकर तुम्हें मनवांछित वस्तु दे रही हूं। तुम्हारी जो इच्छा हो वह वरदान मांग लो। इस प्रकार दुर्गा के कहे हुए वचन सुनकर ब्राह्मणी बोली कि अगर आप मुझ पर प्रसन्न हैं तो हे दुर्गे! आपको प्रणाम करती हूं। कृपा करके मेरे पति के कुष्ठ को दूर करो। देवी कहने लगी कि उन दिनों में जो तुमने व्रत किया था उस व्रत के एक दिन का पुण्य अपने पति का कुष्ठ दूर करने के लिए अर्पण करो मेरे प्रभाव से तेरा पति कुष्ठ से रहित और सोने के समान शरीर वाला हो जायेगा। ब्रह्मा जी बोले इस प्रकार देवी का वचन सुनकर वह ब्राह्मणी बहुत प्रसन्न हुई और पति को निरोग करने की इच्छा से ठीक है ऐसे बोली। तब उसके पति का शरीर भगवती दुर्गा की कृपा से कुष्ठहीन होकर अति कान्तियुक्त हो गया जिसकी कान्ति के सामने चन्द्रमा की कान्ति भी क्षीण हो जाती है वह ब्राह्मणी पति की मनोहर देह को देखकर देवी को अति पराक्रम वाली समझ कर स्तुति करने लगी कि हे दुर्गे! आप दुर्गत को दूर करने वाली, तीनों जगत की सन्ताप हरने वाली, समस्त दुखों को दूर करने वाली, रोगी मनुष्य को निरोग करने वाली, प्रसन्न होने पर मनवांछित वस्तु को देने वाली और दुष्ट मनुष्य का नाश करने वाली हो। तुम ही सारे जगत की माता और पिता हो। हे अम्बे! मुझ अपराध रहित अबला की मेरे पिता ने कुष्ठी के साथ विवाह कर मुझे घर से निकाल दिया। उसकी निकाली हुई पृथ्वी पर घूमने लगी। आपने ही मेरा इस आपत्ति रूपी समुद्र से उद्धार किया है। हे देवी! आपको प्रणाम करती हूं। मुझ दीन की रक्षा कीजिए।  ब्रह्माजी बोले- हे बृहस्पते! इसी प्रकार उस सुमति ने मन से देवी की बहुत स्तुति की, उससे हुई स्तुति सुनकर देवी को बहुत सन्तोष हुआ और ब्राह्मणी से कहने लगी कि हे ब्राह्मणी! उदालय नाम का अति बुद्धिमान, धनवान, कीर्तिवान और जितेन्द्रिय पुत्र शीघ्र होगा। ऐसे कहकर वह देवी उस ब्राह्मणी से फिर कहने लगी कि हे ब्राह्मणी और जो कुछ तेरी इच्छा हो वही मनवांछित वस्तु मांग सकती है ऐसा भवगती दुर्गा का वचन सुनकर सुमति बोली कि हे भगवती दुर्गे अगर आप मेरे ऊपर प्रसन्न हैं तो कृपा कर मुझे नवरात्रि व्रत विधि बतलाइये। हे दयावन्ती! जिस विधि से नवरात्र व्रत करने से आप प्रसन्न होती हैं उस विधि और उसके फल को मेरे लिए विस्तार से वर्णन कीजिए। 

इस प्रकार ब्राह्मणी के वचन सुनकर दुर्गा कहने लगी हे ब्राह्मणी! मैं तुम्हारे लिए सम्पूर्ण पापों को दूर करने वाली नवरात्र व्रत विधि को बतलाती हूं जिसको सुनने से समाम पापों से छूटकर मोक्ष की प्राप्ति होती है। आश्विन मास के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से लेकर नौ दिन तक विधि पूर्वक व्रत करे यदि दिन भर का व्रत न कर सके तो एक समय भोजन करे। पढ़े लिखे ब्राह्मणों से पूछकर कलश स्थापना करें और वाटिका बनाकर उसको प्रतिदिन जल से सींचे। महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती इनकी मूर्तियां बनाकर उनकी नित्य विधि सहित पूजा करे और पुष्पों से विधि पूर्वक अध्र्य दें। बिजौरा के फूल से अध्र्य देने से रूप की प्राप्ति होती है। जायफल से कीर्ति, दाख से कार्य की सिद्धि होती है। आंवले से सुख और केले से भूषण की प्राप्ति होती है। इस प्रकार फलों से अध्र्य देकर यथा विधि हवन करें। खांड, घी, गेहूं, शहद, जौ, तिल, विल्व, नारियल, दाख और कदम्ब इनसे हवन करें गेहूं होम करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। खीर व चम्पा के पुष्पों से धन और पत्तों से तेज और सुख की प्राप्ति होती है। आंवले से कीर्ति और केले से पुत्र होता है। कमल से राज सम्मान और दाखों से सुख सम्पत्ति की प्राप्ति होती है। खंड, घी, नारियल, जौ और तिल इनसे तथा फलों से होम करने से मनवांछित वस्तु की प्राप्ति होती है। व्रत करने वाला मनुष्य इस विधान से होम कर आचार्य को अत्यन्त नम्रता से प्रणाम करे और व्रत की सिद्धि के लिए उसे दक्षिणा दे। इस महाव्रत को पहले बताई हुई विधि के अनुसार जो कोई करता है उसके सब मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं। इसमें तनिक भी संशय नहीं है। इन नौ दिनों में जो कुछ दान आदि दिया जाता है, उसका करोड़ों गुना मिलता है। इस नवरात्र के व्रत करने से ही अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है। 

हे ब्राह्मणी! इस सम्पूर्ण कामनाओं को पूर्ण करने वाले उत्तम व्रत को तीर्थ मंदिर अथवा घर में ही विधि के अनुसार करें। ब्रह्मा जी बोले- हे बृहस्पते! इस प्रकार ब्राह्मणी को व्रत की विधि और फल बताकर देवी अन्तध्र्यान हो गई। जो मनुष्य या स्त्री इस व्रत को भक्तिपूर्वक करता है वह इस लोक में सुख पाकर अन्त में दुर्लभ मोक्ष को प्राप्त होता हे। हे बृहस्पते! यह दुर्लभ व्रत का माहात्म्य मैंने तुम्हारे लिए बतलाया है।  


 बृहस्पति जी कहने लगे- हे ब्राह्मण! आपने मुझ पर अति कृपा की जो अमृत के समान इस नवरात्र व्रत का माहात्म्य सुनाया। हे प्रभु! आपके बिना और कौन इस माहात्म्य को सुना सकता है? ऐसे बृहस्पति जी के वचन सुनकर ब्रह्मा जी बोले- हे बृहस्पते! तुमने सब प्राणियों का हित करने वाले इस अलौकिक व्रत को पूछा है इसलिए तुम धन्य हो। यह भगवती शक्ति सम्पूर्ण लोकों का पालन करने वाली है, इस महादेवी के प्रभाव को कौन जान सकता है।

Shameful.........UP: Doctor Beaten Inside His Cabin in Sitapur, Police Files FIR - India TV

Thursday, 17 September 2015

इस लिए इन्हे कहते है मोदी जी...................

इस लिए इन्हे कहते है मोदी जी--------------------------------






मोदी जी सभा कर रहे थे।।
उन्होंने देखा की एक विकलांग बहुत देर से बार बार उठा
- खड़ा होना चाहता है की वो उनको देख सके।।
थोड़ी देर तो मोदी जी देखते रहे
, फिर अब उनको सहन नहीं हो रहा था।। 

वो व्याकुल
ही उठे, हालात यह बन गए की भाषण से
शब्द भूलने लगे।। दिमाग देखिये उस विकलांग को हो
रही परेशानी और भाषण दोनों पर केन्द्रित
था।। कुछ देर ही हुयी कि अब बर्दाश्त
नहीं हुआ और भाषण वन्दे मातरम् के उद्घोष के साथ
समाप्त।।


सारे नेता भौंचक क्या हुआ ?? जनता हैरान ।। भाषण ख़त्म करने
के तुरंत बाद उन्होंने अपने सुरक्षा कर्मी को उस
विकलांग की और ऊँगली से इशारा करते
हुए कहा की उस विकलांग को ले आओ मेरे पास, मैं
मिलना चाहता हूँ।। वो सुरक्षाकर्मी गए उसके पास।। वो
बेहद डर गया की उसने क्या अपराध किया ?? उसको
बताया की मोदी जी आपको बुला
रहे हैं, वो मना करने लगा की उसने कोई
गलती नहीं की, वो विकलांग है
वो सिर्फ मोदी को देखना चाह रहा था।। वो सुरक्षा
कर्मी बिले चलो की सर बुला रहे हैं।।


इतने में स्टेज से मोदी जी ने इशारा किया
की इधर आओ, तो विकलांग सहम गया की
क्या कोई उसकी शिकायत किया है झूंठी
की उसने कोई जुर्म नहीं किया।। वो गया
मोदी जी के पास।।


मोदी जी ने उसको कुर्सी पर
बैठाया और स्वयं खड़े रहे।। उन्होंने उसका नाम, व्यवसाय और
कुशल क्षेम पूँछी।। वो घबराते हुए जबाब दिया।। अब
मोदी ने कहा -" बंधू , आज पहली बार
ऐसा हुआ की मैं आपको हो रही
तकलीफ देखकर जो आपको मुझको देखने में हो
रही थी , मैं भाषण से अपने शब्द भूलने
लग गया, मैं आपके प्रयास जो आप कर रहे थे मैं आपके मेरे
प्रति लगाव को देखकर नतमस्तक हूँ की आप
इतनी दूर से स्वयं चलकर सिर्फ मुझे सुनने और
देखने आये। मैं आपकी हिम्मत को सलाम करता हूँ"


इतना कहना था मोदी जी का
की वो विकलांग कुर्सी से हटकर उनके
चरणों में गिर गया और दोनों पैर कस के पकड लिए और रोने लग
गया।। बोल मुझे माफ़ कर दो, मैं गलत समझ रहा था की
आप मुझे पता नहीं किसलिए बुला रहे हैं , मुझे अब
अपने से नफरत हो रही है ।। आप महान हैं महान
हैं और खूब रोया।। मोदी ने उसको दोनों हांथो से उठाया ,
गले से लगाकर चुप कराया और पानी पिलाया और बोले-
" आप जीवन में सदैव आंगे बढे, कभी न
रुकें और खुश रहे ऐसी मैं कामना करता हूँ और हाँ
वोट डालने जरूर जायें ।।" ऐसा कहकर मोदी
जी उसके साथ मंच से उतर गए।।
ऐसे हैं हमारे मोदी जी।।

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Tuesday, 15 September 2015

Why Interviewer faints after Interview with Rakhi Sawant ?

 Two managers were walking through a jungle
They saw a hungry tiger
One of the guys tightened his shoe lace
The other asked, "Do u really think u can run faster than tiger?
He replied, "I dont have to run faster than the tiger, I just have to run faster than u!"
That's today's
CORPORATE WORLD.
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प्रोफेसर : "एक प्लेटफार्म 2 Km लम्बा है...
आंधी चल रही है...
60 Km/hr की गति से एक ट्रैन आई और दिल्ली से मुंबई की तरफ चली गयी...
"तो सवाल यह है कि : "मेरी उम्र कितनी है ??
"सब बच्चे हैरान होकर एक-दूसरे की शकल देखने लगे.
थोड़ी देर बाद एक बच्चे ने जवाब देने के लिए हाथ उठाया.
स्टूडेंट: सर, आपकी उम्र 42 साल है.
प्रोफेसर: शाबाश... लेकिन तुमने कैसे गणना की ??
स्टूडेंट : सर, हमारे घर के पास एक लड़का रहता है,
वह आधा मादरचोद है और उसकी उम्र 21 साल है....
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3 Fucking Laws of Management - If you learn them, no one can beat you in Corporate Management, but unfortunately even Harvard Business School does not teach them.
1. Fucking Law of Delivery Time - No matter how hard and fast you fuck, the child comes after 9 months.
Moral - Pressurizing does not alter delivery period.







2. Fucking Law of Direction - Even though both holes  are nearby, if by a wrong shot, you enter the wrong hole, no matter how hard you fuck, you never get a child.
Moral - Right direction is very important to get the results, even few centimeters away from right direction, even if it gives satisfaction, cannot lead to results.
3. Fucking Law of Human Resources - By appointing 4 men to fuck 1 woman, you cannot get 4 children, but if you appoint one man and 4 women, you can get 4 children.
Moral - Appoint the right person at the right position. Otherwise you would keep on wondering, why you are not getting the results even after appointing more men.        
forward to all Hard working employees.

End of management Gyaan!
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 Interview with Rakhi Sawant

Interviewer: So what is your next project?

Rakhi Sawant: This year I am standing for erections!!

Interviewer: It's elections you stand for Rakhi - not erections!!

 Rakhi: For God"s SEX
stop making fun of my English!!

Interviewer : So why should people vote for you?

Rakhi : If you give me one chance, I will give my breast!!!

Interviewer: Ok,  Ok,  let's change the topic. Heard that you visited a Surgeon again?

Rakhi: All lies. I only went to the Dentist to show my tit's!!!

Interviewer: It's teeth. Why? Do you eat a lots of chocolates?

Rakhi: No no.  My favourite food is Sea Food, Specially PORNS !!!

Interviewer: "Aap Kitni Padhi Likhi Ho?"

Rakhi Sawant: "Zyaada Nahi.. Bas Inter-Course Kiya Hai !"

Interviewer faints!!!